खेल-खेल में

पारंपरिक रुप से कठपुतली का खेल बच्चों के मनोरंजन के लिये जाना जाता है पर इस खेल के माध्यम से कुछ गंभीर मुद्दों पर जानकारी प्रदान करने का विचार भले ही सुनने में कुछ अटपटा सा लगे पर हाल ही मेरा अनुभव यह बताता है कि यह काफी असरदार साबित हो सकता है।

कुछ ही दिन पहले हमारी टीम (केलवाड़ा) ने कणुजा गाँव की हलाई की भागल का भीलवाड़ा में एक कानूनी शिक्षण बैठक का आयोजन किया। यह भीलवाड़ा काफी अन्दर स्थित था। और यहाँ तक पहुँचने का रास्ता बड़ा कठिन था। फिर पिछले कुछ दिनों में हुई भारी बारिश के कारण रास्ता और भी खराब हो गया था। उस भीलवाड़ा में 20-25 घर थे। खराब मौसम, कम आबादी, कठिन रास्ता – यह सब हमारे लिये एक चुनौती थी।

फिर भी हमने कठपुतली के खेल के माध्यम से भीलवाड़ा के लोगों को कानूनी जानकारी प्रदान करने का फैसला किया। जब हम भीलवाड़ा में पहुँचे तो हमने माइक और स्पीकर के माध्यम से लोगों को इस मीटींग के लिए बुलाया। कठपुतली के खेल के बारें में सुनकर वहाँ के बच्चे इकट्ठे हो गए। फिर हमने बच्चों को उनके माता-पिता को बुलाने के लिए कहा। पहले तो वहाँ पर महिलाएँ इकट्ठी हुई। कठपुतली के खेल के शुरु होने के कुछ ही मिनट बाद हमने देखा कि वहाँ के पुरुष भी मीटींग की जगह पर आ गए। उस छोटे से भीलवाड़ा में कम से कम 50 लोग हमारी मीटींग में आये।

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कठपुतली के खेल के शुरुआत में हमने गाँव के कुछ लोगों को एक-एक करके बुलाया और उनसे कठपुतली के माध्यम से बातचीत की और हल्का-फुल्का मजाक किया। इसका गाँव वालों ने बहुत लुफ्त उठाया। फिर बाद में हमने एक कहानी के माध्यम से कठपुतली के खेल के जरिये लोगों को बताया कि कैसे मजदूर ठेकेदार द्वारा शोषित किये जाते है और मजदूरों के पास इससे बचाव एवं समाधान के लिए क्या विकल्प मौजूद है। हमने श्रमिक सहायता एवं सन्दर्भ केन्द्र के बारे में जानकारी दी। साथ ही लोगों को लेबर लाइन से भी अवगत कराया और हाजरी डायरी के जरिये लोगों को हाजरी भरने के महत्त्व के बारे में समझाया।

कठपुतली का नाटक खत्म होने के बाद लोगों से हमने पूछा कि उन्हें कितना समझ आया। सभी लोगों ने हाँ में उत्तर दिया और कुछ लोगों ने तो विस्तार से यह भी समझाया कि उनके साथ भी ऐसा होता है या हो सकता है, उन्हें क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए और उनके पास क्या विकल्प मौजूद है।

नाटक खत्म होने के बाद हमने लोगों को कानूनी दिवस के पर्चे और लेबर एक्सप्रेस (संस्था द्वारा प्रकाशित त्रैमासिक न्यूज लेटर) वितरित किए। करीब 10 लोगों ने हमसे हाजरी डायरी खरीदी। और एक कानूनी विवाद भी निकलकर आया।

मैने यह पाया कि कठपुतली का खेल सूचना प्रदान करने का अनूठा एवं बेहद असरदार तरीका है। यह हर उम्र के गाँववासियो को आकर्षित करता है। गाँव वाले अभी भी इस खेल से जूड़ा हुआ महसूस करते है और अपनी जिन्दगी को खेल के किरदारों से मिला पाते है। इसी कारण से कठपुतली के खेल के माध्यम से हम जो भी संदेश या जानकारी प्रदान करना चाहते है, गाँव वाले उसे आसानी से समझ लेते है। मैने यह भी महसूस किया कि कठपुतली का खेल दिखाने वाले और देखने वाले, दोनो का ही उत्साह का स्तर काफी ऊँचा रहता है।

इसलिए कठपुतली का खेल मनोरंजक रुप से शिक्षण प्रदान करने के लिये ज्यादा से ज्यादा उपयोग में लाना चाहिये।

– Manu Sakunia, Aajeevika Bureau

 

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