मेहनत की कमाई, क्षण में डुबाई

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Khatu Ram (Victim)

खातुराम अहमदाबाद शहर में पिछले पांच वर्षों से मार्बल व टाईल फिटिंग का कार्य करता है। सभी श्रमिकों की भाति दीपावली त्यौहार मनाने के लिए गांव जाने के लिए वह भी उत्सुक था। उसने शहर के सरखेज क्षेत्र की साईट पर अपना काम खत्म करके वही से गांव जाने की तैयारियां की। शाम के सात बजे खातु राम अपने साथ दीपावली का सामान और दस हजार रूपये व मोबाईल लेकर निकला। अपनी साईट से वह सरखेज हाईवे वाले रोड पर पहुंचा और एक शटल रिक़्शा में गीता मंदिर बस स्टैण्ड जाने के लिए बैठा। उस रिक़्शा में ड्राईवर के अलावा तीन और व्यक्ति बैठे हुए थे। कुछ दूर जाने के बाद अचानक रिक़्शा में पीछे की तरफ बैठे हुए अन्य तीन लोगों ने उस का मुंह दबा दिया और साबरमती नदी के तट पर स्थित एक कुआं पर उसे ले गऐ। खातुराम से पैसे मांगे तो उसने अपनी गाढ़ी कमाई का पैसे देने से मना किया व स्वबचाव किया, पैसे देने से मना करने पर उन्होंने खातुराम की जोरदार पिटाई की। खातुराम के प्रतिक्रिया करने पर उसे चाकू दिखाकर डराया। उसके बाद उससे मारपीट की और जबरन मोबाईल, दस हजार रूपया व पर्स आदि छीन लिया और फिर उसे वहीं झाडियों में छोडकर भाग गये। उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या करें। फिर कुछ देर बाद वहा से वह जैसे-तैसे पैदल चलते-चलते वापस अपनी साईट पर रात बारह बजे के आसपास पहॅुचा। जब खातुराम घर तो उसकी तबीयत बहुत खराब हो चुकी थी और मारपीट के कारण उसे बहुत सारी चोटें भी आई थी। इलाज व दवाई करवाने में भी लगभग 6000 रुपये और खर्च हो गये। खातुराम इस घटना से बहुत दुखी था और इस बात पर पछता भी रहा था कि उसके पास बैंक खाता होने के बावजूद भी वह पूरा पैसा साथ में लेकर गया और उसका नुकसान हो गया।

खातु राम की तरह बहुत सारे श्रमिक इसी तरह की घटनाओं के शिकार होते हैं। जरूरत है उन्हें वित्तीय व्यवहारों के बारे में समझाने और जागरूकता लाने की, ताकि ये श्रमिक कभी भी इस प्रकार की घटनाओं का शिकार न बने।

– Mayur Pandya, Aajeevika Bureau, Ahmedabad

(Mayur has been with Aajeevika for four years, and he is part of the destination operations of the organization at Ahmedabad. This case study has been documented by his as part of the field experience and financial literacy service offered by the organization.)

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